बेख़याली Bekhayali – Kabir Singh

बेख़याली Bekhayali – Kabir Singh हम्म.. बेखयाली में भी तेरा ही ख्याल आये क्यूँ बिछड़ना है ज़रूरी ये सवाल आये तेरी नजदीकियों की ख़ुशी बेहिसाब थी हिस्से में फासले भी तेरे बेमिसाल आये मैं जो तुमसे दूर हूँ क्यूँ दूर मैं रहूँ तेरा गुरुर हूँ.. हिन्दीट्रैक्स आ तू फासला मिटा तू ख्वाब सा मिला क्यूँ … Continue reading बेख़याली Bekhayali – Kabir Singh