बरसात की धुन Barsaat Ki Dhun Lyrics in Hindi – Jubin Nautiyal

बरसात की धुन Barsaat Ki Dhun Lyrics in Hindi – Jubin Nautiyal

आओ एक भीगी हुई सी
कहानी सुनाता हूँ

जब आसमान से बूँदें नहीं
मोहब्बत बरसी थी
बरसात ने ऐसी धुन छेड़ी
जिसके लिए ज़िन्दगी सदियों तरसी थी

किसी शायर का दिल बनके
बरसाती हैं बूँदें तुमपे

किसी शायर का दिल बनके
बरसाती हैं बूँदें तुमपे
नज़ारा उफ़ क्या होता है
गुज़रती हैं जब जुल्फों से

दूर कहीं अब जाओ ना तुम
सुन सुन बरसात की धुन सुन
सुन सुन बरसात की धुन सुन

दिल में यही एक ग़म रहता है
साथ मेरे तू कम रहता है
हाँ दिल में यही एक ग़म रहता है
साथ मेरे तू कम रहता है

छोड़ के अभी जाओ ना तुम
सुन सुन बरसात की धुन सुन

हाँ धीरे धीरे हौले हौले
भीगा देंगी ये बरसातें

हो धीरे धीरे हौले हौले
भीगा देंगी ये बरसातें
जाने कहाँ फिर मिलेंगी हमें
ऐसी मुलाकातें

संभालू कैसे मैं दिल को
दीवाना चाहे बस तुम को
ख्वाईशों में ही जल रहा हूँ
मैं यहाँ

वो पहली सी बारिश बनके
बरस जाओ ना तुम हमपे
हवा का रुख बदल जाये
मोहब्बत करना तुम ऐसे
ख्वाब मेरा ये तोड़ो ना तुम

हो हो

जिस्मों पे बरसती बारिश
ने रूह बिगाड़ी है
इस मौसम की साजिश ने
ये नींदें उड़ा दी है

वैसे तो डूबने को बस
इक बूँद ही काफी है
सोचो तो ज़रा क्या होगा
अभी रात ये बाकी है
साथ मेरे बह जाओ ना तुम

सुन सुन बरसात की धुन सुन
सुन सुन बरसात की धुन सुन
बिजली चमकी लिपट गए हम
बादल गरजा सिमट गए हम

बिजली चमकी लिपट गए हम
बादल गरजा सिमट गए हम
होश भी हो जाने दो गुम

सुन सुन बरसात की धुन सुन
सुन सुन बरसात की धुन सुन
सुन सुन बरसात की धुन सुन

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