ख़्वाबफ़रोशी Khwabfaroshi – Jabariya Jodi

ख़्वाबफ़रोशी Khwabfaroshi – Jabariya Jodi

हूँ.. हूँ..
ख़्वाबफ़रोशी जियारा दागा दे
जिसके संग ना लगा रे
उसका साग ये

खानाबदोशी नैना बंज़ारे
ढूँढ़े तुझमें ठिकाने
ज़िद पे जिया रे

जियरा भटकाये
बेवजा तड़पाए

ये लड़े तुझी से बेवफ़ा
ये अड़े तुझी पे हर दफ़ा
तू फलक हूँ मैं ज़मीन जैसे
ये फलक ये एक कमी जैसे

धोखेबाज़ी वाला कारोबार ये
धोखेबाज़ी जीता क्यूँ
ये प्यार है

ख़्वाबफ़रोशी उलझे सितारे
हाथों की ये लकीरें छिप्पा दूँ किनारे
खनाबदोशि राह ना पता रे
जिसका हो ना सका मैं, उसके हवाले

बातें थी अनकही
कहनी थी ना कही
क्या थी मैं ग़लत या सही

तेरा मेरा क्या वास्ता
दो राहा है ये रास्ता
जब भी आए तू सामने
क्यूँ बने फिर वही दास्ताँ

लगी तुझमें मुझमें होड़ है कोई
कोई थामे छोड़ दे कोई
जाने क्यूँ हम ऐसे मोड़ पे मिले
सिर्फ़ ढूँढ़े शिकवे गिले

सीनाज़ोरी वाला इकरार है
की ना चोरी हाए इज़ाहार है

ख़्वाबफ़रोशी आग लगाए
रुआं रुआं जैसे धुआँ धुआँ जाए
खाना बदोशी ख़ून बढ़ाए
काटे-काटे चुभते राते-राते जाए
हिंदीट्रैक्स
झूठी झूठी क़समें
आधे आधे वादे
टूटी फूटी रस्में बेतुके इरादे
ख़्वाब फ़रोशी आग लगाये
रुआ-रुआ जैसे धुआँ-धुआँ जाए

ख़्वाब फ़रोशी उलझे सितारे
हाथों की ये लकीरें जुदा दो किनारे
खनाबदोशी राह ना पता रे
जिसका हो ना सका मैं, उसके हवाले

null

Leave a Comment

Your email address will not be published.